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Sunday, February 19, 2012

हकीकत ही तो है ...

हकीकत ही तो है
अब किसी की
सूरत नहीं भाती
किसी की आवाज़
अच्छी नहीं लगती
किसी की आँखों में
 डूबने का
मन नहीं करता
किसी के नाम पर
दिल नहीं धड़कता
कोई चाल  
मतवाली नहीं लगती
किसी का
ख्याल नहीं आता
कोई मेरे ख़्वाबों में
नहीं आता
क्यों की मुझे उससे
इश्क हो गया है
सिवाय उसके
कुछ और नहीं
सूझता
19-02-2012
201-112-02-12

Tuesday, July 26, 2011

उन्हें देखना क़यामत ढा गया

उन्हें देखना

क़यामत ढा गया

इश्क अब रोजगार

बन गया

सुबह-ओ-शाम का

काम हो गया

भूख ख़त्म हो गयी

उनका दीदार प्यास

हो गयी

जीना दुश्वार हो गया

उन्हें पाना अब मकसद

हो गया

निरंतर इंतज़ार आदत

बन गया

जूनून की हद तक

इश्क सर पर सवार

हो गया

26-07-2011

1237-117-07-11

Saturday, July 2, 2011

सिर्फ उनका महताब सा चेहरा जहन में रहता

शराब नहीं पीता
फिर भी हर वक़्त
नशे में रहता
,उनके इश्क में
बहकता
खुद को भूलता
सिर्फ उनका
महताब सा चेहरा
जहन में रहता
दिल निरंतर अब
उसी से बहलता
02-07-2011
1125-09-07-11
(महताब=Moon )

Friday, July 1, 2011

दिल का क्या वो तो मचलेगा


 दिल का क्या 
वो तो मचलेगा
मिलने की चाहत
करेगा
तुम चाहो तो 
इल्तजा सुन लो
ना चाहो ठुकरा दो
बीमार-ऐ-इश्क हूँ
उम्मीद में जीता
रहूँगा
01-07-2011
1119-03-07-11

Sunday, June 12, 2011

इश्क बड़ा ज़ालिम ,क़यामत बहुत ढहाए ?

इश्क बड़ा ज़ालिम
क़यामत बहुत ढहाए ?
ना हंसने, रोने दे
ना उठने ,बैठने दे
हर हाल में नींद उडाये
ख़्वाबों की दुनिया में
गोते लगवाए
चेहरा हाल-ऐ-दिल
सारे जहाँ को बताये
आशिक को
इंतज़ार माशूक का
बेचैनी को दोस्त बनाए
निरंतर ज़िन्दगी और
मौत के बीच झुलाए
11-06-2011
1032-59-06-11