तुम्हें
कभी देखा नहीं
फिर भी तुम से
प्यार है
पता नहीं
कभी मिलूंगा भी
या नहीं
फिर भी
मन मानता नहीं
निरंतर
तुम्हारे लिए
व्याकुल रहता
कुशलता के लिए
प्रार्थना करता
मेरे मन की
जान लो
बस इतना सा
ख्याल कर लो
कभी मिलो तो
पहचान लेना
मुस्करा कर
देख लेना
14-11-2011
1789-60-11-11