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Saturday, March 26, 2011

जीवन सार


  


 इंसान को  
मोहब्बत ही नहीं
जीवन में बहुत कुछ चाहिए
स्वाबलंबन के लिए कर्म,
मेहनत और शक्ती,  चाहिए
शरीर के लिए स्वास्थ्य
इंसान को
मोहब्बत ही नहीं
जीवन में बहुत कुछ चाहिए
स्वाबलंबन के लिए कर्म,
मेहनत और शक्ती,  चाहिए
शरीर के लिए स्वास्थ्य
आगे बढ़ने के लिए
होंसला और दृढ निश्चय
मन में निरंतर विश्वाश
दूसरों को समझने के लिए
संवेदन शीलता ,
सहअस्तित्व के लिए
आपसी समझ और
सहनशीलता चाहिए
ईमान,धर्म के संस्कार,
जुबान में मिठास,
काम,क्रोध,मन पर
नियंत्रण चाहिए
ख़ूबसूरती पहचान सकें
ऐसी आँखें चाहिए
कथनी करनी में एक रूपता
समय का सदुपयोग
इश्वर को पाने के लिए
ज्ञान और भक्ती  
सुखी जीवन के लिए
संतुष्टी और धैर्य चाहिए
26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
511—181-03-11