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Saturday, December 15, 2012

हमने उन्हें आइना दिखा दिया



उन्होंने हमें गालियों से नवाज़ा
हम तारीफ़ समझ कर चुप रहे
उन्होंने हम पर पत्थर मारे
हमने फूल समझ कर झेल लिए
उन्होंने बेवफा कहा
हमने उन्हें आइना दिखा दिया
वो मुंह छुपा कर चल दिए
944-63-15-12-2012
शायरी,बेवफा,उम्मीद

Thursday, August 25, 2011

यूँ तोहमत ना लगाओ

मेरे क़दमों के
निशाँ देख लो
उनमें वफ़ा का
अक्स देख लो
मेरे क़दमों से
मिला लो
फर्क नज़र आ
जाए
तो गुनाहगार
करार दे दो
यूँ  तोहमत ना
लगाओ
अफवाहों को हवा
ना दो 
निरंतर बेवफा
ना कहो
25-08-2011
1393-115-08-11
  

Monday, August 1, 2011

दिल लगाना बुरा नहीं ,दिल जलाना क़यामत है

मोहब्बत के जूनून में

खुद को भूल गए

सुबह-ओ-शाम सिर्फ

उनको ढूंढते रहे

दाने दाने को

मोहताज़ हो गए

वो बड़े बेवफा निकले

बेरुखी से रुस्वां हो गए

खाने को गम

पीने को आंसू रह गए

निरंतर रोते रोते

एक बात समझ गए

दिल लगाना बुरा नहीं

दिल जलाना क़यामत है

मोहब्बत के खेल में

कुछ भी मुमकिन है

01-08-2011

1284-06-08-11