उनसे आस लगाएँ
घर के सामने से
निकल गए
हम उन्हें याद ना आए
अब चाहे मौसम
खुशगवार हो जाए
चांदनी रात आए
कैसे उनको को याद करें
जो खामोशी से जुदा
हो गए
बिना वजह रुस्वां
हो गए
कैसे सदा दे कर उन्हें
बुलाएं
17-03-2012
387-121-03-12
निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )
हुआ करो
बार बार दिल
दुखाया ना करो
या तो जुदा हो जाओ
या साथ पूरा निभाओ
तिल तिल कर मारा
ना करो
यूँ दिल से खेलने का
शौक पूरा ना करो
निरंतर मरने से
एक बार जान देना
अच्छा
तुम्हें कोई और मिल
जाएगा
दिल फिर से बहल
जाएगा
27-07-2011
1251-135 -07-11