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Thursday, March 8, 2012

कामयाबी नहीं मिली तो रोना किस बात का


कामयाबी नहीं मिली
तो रोना किस बात का
रोने से किसको मिला है
जो तुम को मिलेगा
उठो अब खड़े हो जाओ
मुंह लटकाना बंद करो
हँसते हुए कमर क़स लो
मेहनत करना शुरू करो 
ज़रूरी नहीं एक के
पीछे ही पड़े रहो
ये नहीं तो वो कर लो
इस में नहीं तो उस में
मिल जायेगी
कामयाबी इक दिन
तुम्हें ज़रूर मिलेगी
औरों को भी रास्ता
दिखायेगी
08-03-2012
326-60-03-12

Sunday, November 20, 2011

रेत के घरोंदे


बहुत
समझाता था उसे
सपनों पर
विश्वास मत किया करो
समुद्र किनारे रेत के
घरोंदे  मत बनाया करो
कभी कोई तेज़ लहर 
आयेगी
घर को बहायेगी
अपने सपनों को टूटते देख
तुम व्यथित हो कर
दुःख मनाओगे
बार बार घरोंदे को
याद कर आंसू बहाओगे
घरोंदे बनाने ही हो
तो मेहनत,लगन और सब्र की
सुद्रढ़  नीव से बनाओ
जो आसानी से नहीं टूटे
जीवन भर चैन से रहने दे  
समय की तेज़ हवाएं
भाग्य की लहरें
कुछ बिगाड़ ना सके
निश्चिंतता से सो सको
पर कभी
बात नहीं मानी उसने
निरंतर रेत के घरोंदे से
सपनों पर विश्वास
करता रहा
शीघ्र पाने की इच्छा में
उतावलापन दिखाता  रहा
जीवन भर
बेघर और असंतुष्ट रहा
असंतुष्ट ही
संसार से विदा हुआ
20-11-2011
1803-73-11-11

Friday, April 22, 2011

क्यूं रोता है ?

अपने
किये पर क्यों रोता है ?
रोने से क्या होता है
करना है तो सुधार कर
जो किया पहले आगे
ना कर
वक़्त ने रंज दिए हम को 
वक़्त ही धोता ग़मों को 
जीना है तो खुशी से जी
रो रो कर क्यों जीता है
होना है है वो हो कर
रहेगा
अपनी तरफ से गलती
ना कर
इश्वर पर विश्वाश रख
कर्म और मेहनत करता
चल
क्यों रोता है ?
बहुत रो लिया अब तक 
अब तो रोना बंद कर
22-04-2011
731-151-04-11

Tuesday, March 22, 2011

हर छोटी चीज़,छोटी नहीं होती



बूँद पानी की
आँखों से निकले
अश्क कहलाती
हाल-ऐ-दिल बयाँ
करती
सीप में रूप मोती का
लेती
प्यासे के मुंह में गिरे
प्यास उसकी बुझाती
गर जिस्म से टपके
अहसास मेहनत का
कराती
पेशानी पर छलके तो
परेशानी मन की
बताती
छोटी होते हुए भी
निरंतर कारनामे बड़े
करती
रास्ता कामयाबी का
दिखाती
जज्बा हो तो
मंजिल दूर नहीं होती
हर छोटी चीज़,
छोटी नहीं होती  

23-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
475—145-03-11

Sunday, March 20, 2011

जीत का आनंद अवश्य मिलेगा,जीवन का अर्थ पता चलेगा


ना दीवार से सर
 मार
ना दुखड़ा दुनिया
को सुना
रोना धोना छोड़
किस किताब में लिखा
निरंतर सफल होगा
अब खुद से बात कर
क्यूं हारा?
ठन्डे दिमाग से सोच
जवाब तुझ को मिलेगा
हार का कारण
पता पड़ेगा 
हिम्मत ना छोड़
गलती सुधार
कर्म में लग जा
जीत का आनंद
अवश्य मिलेगा
जीवन का अर्थ
पता चलेगा
20-03-2011
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
461—131-03-11

हार में भी जीत का मज़ा मिलेगा,होगा वही जो मंजूरे खुदा होगा


कारवाँ
तो बनाया मैंने  
मंजिल तक पहुँच ना सके
सफ़र में साथ जो थे मेरे
एक एक कर साथ
छोड़ते गए
अब जो बचे साथ मेरे
हिम्मत हारने लगे
कोई लाचार जिस्म से
कोई परेशाँ नाकामयाबी से
फिर भी लड़ता जाता,हालात से
जज्बा निरंतर पैदा करता
मंजिल रोज़ याद दिलाता
कामयाबी मकसद नहीं
किसी सफ़र का
ये भी समझाता जाता
मंजिल मिले ना मिले
चाहे हार जाओ आखिर में
हर हाल में लड़ने की
कोशिश ज़रूरी
इत्मानान रहेगा मेहनत
पूरी करी
हार में भी जीत का
मज़ा मिलेगा
होगा वही जो मंजूरे
खुदा होगा
20-03-2011
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
460—130-03-11