निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )
Wednesday, March 30, 2011
वो प्रक्रति के करीब हैं,फूल उन्हें पसंद है
वो प्रक्रति के करीब हैं,
फूल उन्हें पसंद है
कचनार,अमलतास,
पलाश,गुलमोहर,
के रंग उन्हें भाते
चमेली,मोगरा,
गुलाब,चम्पा,
महक से लुभाते,
कमल,ऑर्किड,
डेहलिया,गुलदाऊदी
के रूप उन्हें मोहते,
निरंतर फूल
वो बालों में लगाते
निरंतर महकते,
रंग,रूप से मोहते
अपने
अंदाज़ से लुभाते
खुद किसी फूल से
कम ना लगते
इस लिए दिल से
भाते
30-03-03
557—227-03-11
इंसान कमज़ोर या तगड़ा,बिना गुण किसी को ना भाता
फूल
एक पंखुड़ी का हो
या सैकड़ों पंखुड़ियों का
फूल कहलाता
निरंतर लुभाता
सदा महकता
इंसान
कमज़ोर या तगड़ा
बिना गुण
किसी को ना भाता
गुण एक या अनेक
इंसान के लिए ज़रूरी
सुधार की कोशिश ज़रूरी
जज्बा अगर ठीक हो
गुण बढ़ते जाएँगे
कमजोर मज़बूत होते
जाएँगे
क्यों ना ठान लें ?
अवगुणों को दूर करना
गुणों को हांसिल करना
सब को यही सिखाना
नए सफ़र पर चलना
नवजीवन प्रारम्भ करना
ध्येय अब बनाना है
30-03-03
556—226-03-11
दिल करे तो जवाब दे दें ,नहीं तो सपने में आ कर बता दें
क्यूं ख़त का
जवाब उन्होंने अब तक
जवाब उन्होंने अब तक
दिया नहीं
या तो ख़त मिला नहीं
या मतलब समझा नहीं
या तो नाराज़ हो गए
शक से देखने लगे
या फिर वक़्त मिला नहीं
निरंतर क्यां लिखूं ?
क्या ना लिखूं ?
के चक्कर में फँस गए
या कैसे लिखूं
के सोच में पड़ गए
कौन उन्हें समझाए
दिल करे तो जवाब
दे दें
नहीं तो सपने में
आ कर बता दें
30-03-03
554—224-03-11
वो इंतज़ार कराते,मैं इंतज़ार करता
वो इंतज़ार कराते
मैं इंतज़ार करता
वो तरसाते मैं तरसता
वो सताते मैं सहता
अंदाज़
उन का समझता
वो दिल कहीं और
लगाते
मैं ख्वाब देखता रहता
उन के शौक को
निरंतर
हकीकत समझता
30-03-03
552—222-03-11
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