Showing posts with label अकेलापन डा.राजेंद्र तेला. Show all posts
Showing posts with label अकेलापन डा.राजेंद्र तेला. Show all posts

Saturday, April 13, 2013

फूलों की महक चिड़ियों की चहक



फूलों की महक
चिड़ियों की चहक
कल कल करते
पानी की ध्वनि
बेफिक्र बालक की हँसी
शहद की मिठास
साज़ की आवाज़
अगर चुरा कर रख लेता
तो अकेलापन
काटने को नहीं दौड़ता
19-75-12-02-2013
अकेलापन
 डा.राजेंद्र तेला,निरंतर