बीमारी से झूझ रहा हूँ
दर्द से पीड़ित
शरीर का अंग अंग
आँखों से आंसू बहा रहा है
फिर भी मन खुश है
बरसों से उनके लिए
समय नहीं था
काम का बहाना आड़े
आता रहा
अब पूरा दिन उनके
सानिध्य में बीत रहा है
उनका हाथ मेरे हाथ में है
जो खो दिया था
उसे फिर पा जो
लिया है
02-04-2012
423-03-04-12