Showing posts with label राजनीतिज्ञों. Show all posts
Showing posts with label राजनीतिज्ञों. Show all posts

Tuesday, March 13, 2012

इसका नाम प्रजातंत्र है,कभी स्वस्थ होता था

यह जो तुम्हें बीमार
असहाय दिख रहा है
इसका नाम प्रजातंत्र है
कभी स्वस्थ होता था
खुशहाली के सपने देखता था
उसे जन्म देने वालों के
सपनो को
साकार करने की
आकांशा मन में संजोये था
पर उसे पता भी नहीं चला
कब भ्रष्टाचार के वाइरस ने
उस पर आक्रमण किया
राजनीतिज्ञों,
अफसरों और दलालों ने
पैसे के लिए
उस पर नित नए प्रहार कर
उसे बुरी तरह आहत कर दिया
भ्रष्टाचार,भुखमरी,स्वार्थ
घिनोनी राजनीति की
 गंभीर बीमारियों से
ग्रस्त हो गया
अपने को बचाने के लिए
झूझ रहा है
कभी न्यायालय ,
कभी चुनाव आयोग
कभी बचे खुचे देश भक्तों की
तरफ बहुत आशा से
देख रहा है
जो इसे फिर से स्वस्थ
देखना चाहते हैं
इतना पीड़ित होने के
बाद भी
इसकी हिम्मत होंसले में
कमी नहीं आयी है
अभी भी इसकी आँखों में
आशाओं का महासागर
हिलोरें रहा है
इसे देश के युवाओं पर
पूरा भरोसा है
वो अवश्य इसे बीमारी से
मुक्त करायेंगे
फिर से स्वस्थ होने में
पूरा सहयोग देंगे
मुझे पता नहीं
मेरे जीवन काल में
यह स्वस्थ होगा या नहीं
मुझे भी पूरी आशा है
मेरे जाने के बाद ही सही
एक दिन फिर से हष्ट पुष्ट
हो जाएगा
मैंने तो ६० वर्ष
सब्र से काम लिया
तुम भी सब्र से काम लो
जो मेरी पीढी के लोग
नहीं कर पाए
वो नयी पीढी के
नौजवान अवश्य करेंगे
13-03-2012
357-91-03-12