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Thursday, July 14, 2011

कुत्ते और आदमी में फर्क

वो फटे पुराने कपडे 
पहने
चौराहे पर खडा था 
उसने मुझे रोका
दो दिन से 
भूखा प्यासा है
भावपूर्ण तरीके से
मुझे बताया
मैं उसकी बातों में
आया 
उसे घर लाया,खाना
खिलाया
रहने को कमरा
 करने को काम दिया
एक दिन चोरी कर
चम्पत हुआ
मैं माथा पीटता रहा
फिर एक दिन
कुत्ते के पिल्ले को
सड़क पर
लावारिस देखा
मुझे देखते ही उसने
पूंछ हिलायी
उसे भी घर लाया ,
पाल लिया
परिवार का हिस्सा
बनाया
रात भर चौकीदारी
करता
घर वाले को काटता
नहीं
बाहर वाले को छोड़ता
नहीं
मुझे देखते ही निरंतर
दुम हिलाता
प्यार से उसकी पीठ
सहलाता
पास से  जाना नहीं
चाहता
कहना भी पूरा मानता
कुत्ते और आदमी में 
फर्क बताता 
14-07-2011
1183-66-07-11

Wednesday, July 13, 2011

इंसान मर गए, नेपथ्य में चले गए

इंसान मर गए
नेपथ्य में चले गए
इंसानियत साथ
ले गए
आदमी बचे हैं
निरंतर
अपने अपने लिए
जी रहे हैं
दूसरे का किया
भुगत रहे हैं
एक दूसरे को
आश्चर्य से देख
रहे हैं
चुपचाप सह
रहे हैं
12-07-2011
1174-57-07-11