Showing posts with label आब-ओ-हवा. Show all posts
Showing posts with label आब-ओ-हवा. Show all posts

Thursday, April 11, 2013

खुदा ने भेजा था



खुदा ने भेजा था
इंसान की शक्ल में
फ़रिश्ता ज़मीन पर
सोचा था खुदा का नुमाइन्दा
बन कर जियेगा
ज़मीन पर ज़न्नत बसाएगा
उसे पता ना था
आब-ओ-हवा ज़मीन की
कुछ ऐसी निकलेगी
फ़रिश्ता भी
हैवान बन जाएगा
गर पता होता तो पहले
ज़मीन की
आब-ओ-हवा बदलता
फिर ज़मीन पर भेजता
इंसान को
18-74-11-02-2013
आब-ओ-हवा, खुदा,इंसान,फ़रिश्ता,हैवान
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर