तुमने
मेरी पीठ थपथपाई
बदले में मैंने
तुम्हारी
पीठ नहीं थपथपाई
तुम्हारी आशाओं
पर
तुषारापात हो
गया
तुम रुष्ट हो
गए
पहले मुझे सोना
समझते थे
अब कोयला कहने
लगे
अब तुम्ही बताओ
कैसे कोयले
को सोना कहूं
कह भी दूंगा
तो तुम्हें
झूठे दंभ से
भर दूंगा
तुम सोना बनने
की जगह
कोयला ही बने
रहोगे
आज मुझसे नाखुश
हो भी जाओ
तो भी तुम्हारा
अहित
नहीं कर सकता
पर एक दिन मेरी
बात को
समझ जाओगे
खुद झूठी तारीफ़
से
बचने लगोगे
877-61-28-11-2012
झूठी तारीफ़,तारीफ़,
नाखुश