Showing posts with label प्रतिक्रया. Show all posts
Showing posts with label प्रतिक्रया. Show all posts

Thursday, March 15, 2012

कम से कम सुन तो लो

जो कह रहा हूँ
कम से कम सुन तो लो
बोलने से पहले ही
बिना समझे ही उत्तर
तो मत दो
सब जानते हो मन में
धारणा मत बनाओ
बिना सोचे समझे
प्रतिक्रया तो मत दो
एक बार यह भी सोच लो
कोई करे अगर
तुम्हारे साथ ऐसा ही
तुम्हें कैसा लगेगा?
उसका व्यवहार
क्या तुम्हें स्वीकार होगा?
फिर क्यों सुनते नहीं तुम
मेरी बात पूरी
नहीं समझ आये तो
मानना ज़रूरी तो नहीं
कम से कम सुन तो लो
बात मेरी
15-03-2012
377-111-03-12