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Friday, April 5, 2013

उतने ही पैर पसारिये जितनी लम्बी सोर


कुछ लोगों की टोपी
उनके सर से छोटी होती है
कुछ लोगों की टोपी
उनके सर से बड़ी  होती हैं
दोनों ही स्थितियों में
भद्दी लगती है
कुछ लोग अपनी
औकात से
बड़ी बात करते हैं
कुछ लोग अपनी
औकात से कम करते हैं
वो लोग
ज्यादा सुन्दर दिखते हैं
जिनकी टोपी
सर पर ठीक बैठती है
वो लोग ज्यादा खुश रहते हैं
जो औकात में रहते हैं
जितनी लम्बी सोर
उतने ही पैर पसारते हैं
12-68-05-02-2013
औकात,दंभ,उतने ही पैर पसारिये जितनी लम्बी सोर
डा.राजेंद्र तेला ,निरंतर

Tuesday, September 13, 2011

खुद को औकात से ज्यादा समझने लगा था


ख्यालों की
दुनिया में खोने लगा था
हवाई किले बनाने
लगा था
नामुमकिन को मुमकिन
बनाने चला था
खुद ही कयास लगाने
लगा था
खुद को सबसे बेहतर
समझने लगा था
निरंतर रात को दिन
समझने लगा था
हर चाल पर मात खाने
लगा था
रंजो गम में जीने
लगा था
आइना देखना भूल
गया था
खुद को औकात से
ज्यादा समझने
लगा था
12-09-2011
1492-64-09-11