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Wednesday, September 19, 2012

जब मन नहीं लगता



जब मन नहीं लगता
कुछ भी अच्छा नहीं लगता
चाहे टी वी चलाओ
चाहे संगीत सुनो
हर पल भारी लगता
किसी से बात करने का
मन नहीं करता
ना नींद आती है
ना जागने का मन करता
समय काटे नहीं कटता
आँखें बार बार
घड़ी को देखती
लगता है
सुइयां सरक नहीं रही
कब बीतेंगे ये पल
चेहरे पर मायूसी
मन में बेचैनी बढ़ने लगती है
मन बार बार कहता
सब व्यर्थ है
ऐसा होता है जब मन
नहीं लगता
738-34-19-09-2012

Wednesday, March 7, 2012

मन नहीं लगेगा मेरे कमरे की दीवारों का


मन नहीं लगेगा
मेरे कमरे की दीवारों का
मेरे दुनिया से जाने के बाद
निरंतर
मुझे याद करेगी
जब उन्हें रहना पडेगा
तन्हायी में
कुछ कह तो नहीं
पाएंगी
मगर मुझे याद कर के
कुछ सोचेंगी अवश्य
आंसू तो नहीं बहायेंगी
मगर घर में सूनापन तो
लायेंगी
दीवारों के रंग
हलके लगने लगेंगे
खामोशी
काटने को दौड़ेगी
जब भी
मेरी कुर्सी पर कोई
बैठेगा
मेरी कलम से कुछ
लिखने की कोशिश
करेगा
पसंद नहीं करेंगी
मेरे कमरे की दीवारें
मेरे जाने के बाद
अगर खेला किसी ने
मेरे ज़ज्बातों से
07-03-2012
316-50-03-12