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Tuesday, December 11, 2012

तरक्की ने नयी पीढी को बड़ी सीख दी है



तरक्की ने
नयी पीढी को
बड़ी सीख दी है
भौतिक सुख ही
जीवन की खुशी है
अहम् की तुष्टी
सर्वोपरी है
कोई बड़ा नहीं
कोई छोटा नहीं
मैं और मेरा ही
ज़रूरी है
जब मन आये
रिश्ते तोड़ लो
मतलब हो तो
रिश्ते बना लो
मगर निभाना
गैर ज़रूरी है
अधिक पाने की
इच्छा में
होड़ करना 
तनाव में जीना भी
ज़रूरी है
मेरी बात समझ
आ जाए तो
अच्छी है
नहीं तो समय की
बर्बादी है
930-48-12-12-2012
तरक्की,नयी पीढी ,सीख , होड़ , तनाव

Saturday, November 3, 2012

वो चाँद तो नहीं बन सकते



चाँद के साथ
सितारे भी चमकते
चाँद की चमक से
घबराते नहीं
चांदनी में भी चमकते
छोटे हुए तो क्या हुआ
अपना वजूद बनाए
रखते हैं
दुनिया को सन्देश देते
वो चाँद तो नहीं बन
सकते
पर चमक अवश्य
सकते
820-04-03-11-2012
चाँद,सितारे,चमक,जीवन,सीख,सोच

Saturday, October 1, 2011

वाह रे,पेंसिल

मानव जीवन की   
महत्वपूर्ण देन है तूँ  
जन्म से अब तक
निरंतर चल रही है तूँ
इंसान के हाथों में
खेल रही है तूँ
ना थकती,ना रुकती
विचारों को कागज़ पर
उकेरती है तूँ
अच्छी,बुरी बातें
लिखती है तूँ
राजा से रंक तक
बिना भेद भाव के
काम आती है तूँ 
बार बार छीली जाती 
फिर भी  क्रंदन नहीं
करती है तूँ
जीवन के आखिरी
पड़ाव पर दुत्कारी
जाती है तूँ
फिर भी चुप रहती है तूँ
सब्र और हिम्मत से
बहुत कुछ सहती है तूँ
कभी लेती नहीं ,
सदा देती है तूँ
ह्रदय से नमन तुझ को
मनुष्य को अमूल्य
सीख देती है तूँ
मानव जीवन के लिए
वरदान है तूँ
01-10-2011
1592-01-10-11