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Monday, March 4, 2013

हर इच्छा किसकी पूरी होती है



रोज़ चमकते चमकते
सूरज बेचारा थक गया
थक हार कर अपनी व्यथा
चाँद को बताने लगा
तुम कितने खुश किस्मत हो
पूनम को पूरे खिलते हो
बाकी समय
कम में काम चलाते हो
ना थकते हो
ना व्यथित होते हो
चाँद ने उत्तर दिया
मित्र क्यों ऐसा सोचते हो
हर इच्छा
किसकी पूरी होती है
मैं भी चाहता हूँ
सातों दिन पूर्णिमा हो
जैसे तुम हर दिन
चमकते हो
वैसे ही मैं भी हर दिन
चमकूँ
नित्य धरती को
चांदनी से भर दूं
08-08-03-01-2013

चाँद,सूरज,इच्छाएं,आशाएं ,कामना,आशा,
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

Monday, September 26, 2011

सूने आकाश में इक बदली आयी

सूने आकाश में
इक बदली आयी
कुछ बूँदें बरसायी
मन में आशाएं जगायी
दिल की आस बढ़ायी
हौले से आगे बढ़ गयी
आँखें
निरंतर तरसती रही
दिल को तडपाती रही
चुपचाप सहने के लिए
छोड़ गयी
सूखी धरती सूखी
रह गयी
दुखी मन को संतुष्टी
नहीं मिल पायी
दिल की आस
पूरी ना हो पायी
25-09-2011
1556-127-09-11