निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )
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Tuesday, March 20, 2012
Tuesday, August 30, 2011
इसी में खुश हूँ उसका चेहरा देख लेता हूँ
इसी में खुश हूँ
उसका चेहरा
देख लेता हूँ
दो पल के लिए
मुस्कारा लेता हूँ
उसकी बेरुखी
चुपचाप सह लेता हूँ
ग़मों को बर्दाश्त
कर लेता हूँ
वो खुश है इसी में
खुश हो लेता हूँ
30-08-2011
1417-139-08-11
1417-139-08-11
Friday, July 15, 2011
आँखों ने रोना ,दिल ने तडपना छोड़ दिया
आँखों ने रोना
दिल ने तडपना
छोड़ दिया
खूबसूरत चेहरों ने,
शोख अंदाज़ ने
लुभाना छोड़ दिया
अब हमने उम्मीद
करना छोड़ दिया
खुद पर
काबू कर लिया
चुप रहना,
हंस कर बर्दाश्त
करना सीख लिया
निरंतर मर कर भी
जीना सीख लिया
बिना किश्ती के
किनारा ढूंढ लिया
15-07-2011
1185-68-07-11
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