चोट लगी दिल पर
लोग चारागर को
बुला रहे
दिल दर्द से तड़प रहा
लोग आँखों से आंसूं
पोंछ रहे
वो रुस्वां हो गए
लोग कहीं और दिल
लगाने की सलाह दे रहे
निरंतर भूल रहे
दर्द-ऐ-दिल की दवा भी
दिल के चारागर
साथ ले गए
(चारागर=चिकित्सक,डाक्टर)
20-09-2011
1528-99-09-11
दिन भर के
काम की परिणिति
थकान में होती
रात होते ही आँखें
नींद से बोझिल
होने लगती
बिस्तर पर लेटते ही
बंद हो जाती
नींद की गोद में
समा जाती
आहट भी ना होती
वो चली आती
नींद उड़ जाती
आँखें खुल जाती
मुस्काराते हुए
वो लौट जाती
रात भर आँखें
खुली रहती
ना वो ना नींद
फिर लौट कर आती
वो निरंतर
ऐसा ही करती
सपनों की दुनिया को
उजाडती
नींद पूरी नहीं होती
दिल की तड़प
आँखों की प्यास
कभी पूरी नहीं होती
09-09-2011
1473-45--09-11
अब चुप ना रहो
कुछ तो कहो
हमें पता दिल तुम्हारा
तड़प रहा
मन बात करने को
कह रहा
निरंतर इंतज़ार ना करो
मन की सुनो
तड़प दिल की दूर करो
कह ना सको तो
इशारा ही कर दो
हम समझ जायेंगे
फासले खुद-बी-खुद
मिट जायेंगे
दूर होकर भी पास
आ जायेंगे
07-08-2011
1312-34-08-11