निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )
Sunday, September 11, 2011
जीवन खेल का मैदान ,जीना एक खेल है
Wednesday, July 27, 2011
मुझसे खफा ना हुआ करो
हुआ करो
बार बार दिल
दुखाया ना करो
या तो जुदा हो जाओ
या साथ पूरा निभाओ
तिल तिल कर मारा
ना करो
यूँ दिल से खेलने का
शौक पूरा ना करो
निरंतर मरने से
एक बार जान देना
अच्छा
तुम्हें कोई और मिल
जाएगा
दिल फिर से बहल
जाएगा
27-07-2011
1251-135 -07-11
Sunday, July 24, 2011
ज़िन्दगी फ़ुटबाल का खेल
ज़िन्दगी
फ़ुटबाल का खेल
गेंद कभी इधर
कभी उधर रहती
कभी चोट खाते
कभी
ज़मीन पर गिरते
कभी गेंद गोल में
कभी गोल के बाहर
रहती
कभी विपक्षी भारी
कभी हम भारी
निरंतर
गम और खुशी साथ
चलती रहती
ध्यान
जिसका गेंद पर
वह जीतता
ध्यान हटाने वाला
निरंतर हारता
जीत के लिए खेलना
ज़रूरी
हार जीत खेलने से
होती
बिना खेले ज़िन्दगी
अधूरी रहती
24-07-2011
1222-102-07-11