आंसूओं से पूछा
तुम बहते क्यूं
हो
दिल से पूछा
तुम बेचैन क्यूं
हो
मन से पूछा
तुम अनमने क्यूं
हो
चेहरे से पूछा
तुम उदास क्यूं
हो
चेहरा बोला
दिल बेचैन जो
है
दिल बोला
मन अनमना जो
है
मन बोला
आँखें नम जो
हैं
चारों से एक
साथ पूछा
सच बताओ वजह
क्या है
चारों एक साथ
बोले
तुम प्रियतम
से दूर
अकेले जो हो
30-07-2012
634-31-07-12
कुछ तो
बात अलग है आज
अंदाज़ उनका बदला
हुआ है
मैं बात करने का
इंतज़ार करता रहा
उन्होंने इशारे से काम
चला लिया
मन में सवाल पैदा
कर दिया
क्या नाराज़ हैं मुझ से ?
या खुद परेशान हैं
किसी बात से
जब तक जवाब नहीं
मिलेगा
मन मेरा भी बेचैन
रहेगा
उनके जैसा ही हाल
मेरा भी होगा
मुझे भी इशारों से
काम चलाना होगा
निरंतर जवाब का
इंतज़ार करना होगा
07-02-2012
117-28-02-12
क्या
क्या छुपाऊँ ?
कब तक छुपाऊँ?
किस किस से
छुपाऊँ ?
क्या झूठ का
आवरण ना हटाऊँ
मन की व्यथा
बढाऊँ
कभी चैन ना पाऊँ
निरंतर
बेचैन जीऊँ
संसार से बेचैन
जाऊं
25-11-2011
1819-84-11-11
वो खुश नहीं
मैं कैसे खुश रहूँ ?
वो रोये ,मैं हंसूं
ये मुमकिन नहीं
दिल की डोर से बंधी हैं
वो डूबे मैं तैरूं,
संभव नहीं
वो निरंतर जीवन से
लड़ रही
मैं जीत के गीत
कैसे गाऊँ ?
जान से ज्यादा
चाहता हूँ
वो बेचैन तो
मैं सुकून से कैसे रहूँ ?
10-08-2011
1328-50-08-11