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Monday, July 30, 2012

आंसूओं से पूछा ,तुम बहते क्यूं हो



आंसूओं से पूछा
तुम बहते क्यूं हो
दिल से पूछा
तुम बेचैन क्यूं हो
मन से पूछा
तुम अनमने क्यूं हो
चेहरे से पूछा
तुम उदास क्यूं हो
चेहरा बोला
दिल बेचैन जो है
दिल बोला
मन अनमना जो है
मन बोला
आँखें नम जो हैं
चारों से एक साथ पूछा
सच बताओ वजह क्या है
चारों एक साथ बोले
तुम प्रियतम से दूर
अकेले जो हो
30-07-2012
634-31-07-12


Tuesday, February 7, 2012

कुछ तो बात अलग है आज

कुछ तो
बात अलग है आज
अंदाज़ उनका बदला
हुआ है
मैं बात करने का
इंतज़ार करता रहा
उन्होंने इशारे से काम
चला लिया
मन में सवाल पैदा
कर दिया
क्या नाराज़ हैं मुझ से ?
या खुद परेशान हैं
किसी बात से
जब तक जवाब नहीं
मिलेगा
मन मेरा भी बेचैन
रहेगा
उनके जैसा ही हाल
मेरा भी होगा
मुझे भी इशारों से
काम चलाना होगा
निरंतर जवाब का
इंतज़ार करना होगा
07-02-2012
117-28-02-12

Friday, November 25, 2011

क्या क्या छुपाऊँ ?


क्या 
क्या छुपाऊँ ?
कब तक छुपाऊँ?
किस किस से 
छुपाऊँ ?
क्या झूठ का
आवरण ना हटाऊँ
मन की व्यथा 
बढाऊँ
कभी चैन ना पाऊँ
निरंतर
बेचैन जीऊँ
संसार से बेचैन
जाऊं
25-11-2011
1819-84-11-11

Wednesday, August 10, 2011

वो बेचैन, मैं सुकून से कैसे रहूँ ?

वो खुश नहीं

मैं कैसे खुश रहूँ ?

वो रोये ,मैं हंसूं

ये मुमकिन नहीं

दिल की डोर से बंधी हैं

वो डूबे मैं तैरूं,

संभव नहीं

वो निरंतर जीवन से

लड़ रही

मैं जीत के गीत

कैसे गाऊँ ?

जान से ज्यादा

चाहता हूँ

वो बेचैन तो

मैं सुकून से कैसे रहूँ ?

10-08-2011

1328-50-08-11