Tuesday, February 7, 2012

कुछ तो बात अलग है आज

कुछ तो
बात अलग है आज
अंदाज़ उनका बदला
हुआ है
मैं बात करने का
इंतज़ार करता रहा
उन्होंने इशारे से काम
चला लिया
मन में सवाल पैदा
कर दिया
क्या नाराज़ हैं मुझ से ?
या खुद परेशान हैं
किसी बात से
जब तक जवाब नहीं
मिलेगा
मन मेरा भी बेचैन
रहेगा
उनके जैसा ही हाल
मेरा भी होगा
मुझे भी इशारों से
काम चलाना होगा
निरंतर जवाब का
इंतज़ार करना होगा
07-02-2012
117-28-02-12

1 comment:

***Punam*** said...

अलग है आज
मैं बात करने का
इंतज़ार करता रहा
उन्होंने इशारे से काम
चला लिया

intzaar aur abhi.....