जब भी मिलते
निरंतर कहते हम से
किसी दिन
फुरसत में बात करेंगे
उनकी
फ़ुरसत के इंतज़ार में
उम्र बीत गयी
ना उन्हें फुरसत मिली
ना हमारी हसरतें
पूरी हुयी
ख्वाईशें
दम तोडती रहीदिल की बात
दिल में रह गयी
19-11-2011
1799-70-11-11
निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )