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Saturday, December 15, 2012

सुबह बड़ी शिद्दत से सजता संवारता हूँ



सुबह बड़ी शिद्दत से
सजता संवारता हूँ
शाम तक बासी फूल सा
मुरझा जाता हूँ
मगर उसका दीदार नहीं होता
बनने संवारने में ज़िन्दगी
गुजारता हूँ
पर उम्मीद का दामन नहीं
छोड़ता हूँ
आईने को रोज़ तसल्ली देता हूँ
सब्र रखने की ताकीद करता हूँ
एक दिन मेरे चेहरे के साथ
एक खूबसूरत चेहरा भी
दिखाऊंगा
जब तक तो मुझे ही बर्दाश्त
करना पडेगा
आइना खामोशी से
मुझे सजने संवारने देता है
वो भी मेरी मजबूरी
समझता है
951-70-15-12-2012
मजबूरी,शायरी,चाहत,हसरत,अरमान,मोहब्बत ,ख्वाहिश

Tuesday, December 11, 2012

जब तुम्हारी याद सताती है



जब तुम्हारी
याद सताती है
ज़ज्बातों की नदी
उफन कर
बहने लगती है
मन के पहाड़ों की बर्फ
पिघलने लगती है
हसरतों के रेगिस्तान में
आंधी चलने लगती है
आँखें नम होने लगती हैं
ज़िन्दगी
बोझ लगने लगती है
931-50-12-12-2012
शायरी,याद,यादें,हसरत,ज़ज्बात

Saturday, December 8, 2012

मुझे हक नहीं



मुझे हक नहीं
तुम पर नाराज़ होने का
ना हक तुम्हारी बेरुखी पर
सवाल पूछने का
उम्मीदों पर जब नहीं
उतर सका खरा
नहीं दे सका जो चाहा
तुमने मुझसे
निभा ना सका उन वादों को
जो किये तुमसे
मुझे हक नहीं तन्हाई में भी
आसूं बहाने का
जब तुम्हारी हसरतों के
लायक ही ना था
मुझे हक नहीं तुम पर
इलज़ाम लगाने का
गुनाहगार भी मैं हूँ
सज़ा का हक़दार भी मैं  हूँ
जिसने दिल लगाया था
इक पत्थर दिल से
923-41-08-12-2012
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Tuesday, August 21, 2012

खामोश है फिजा



खामोश है फिजा
खामोश  हैं पेड़ पत्ते
खामोश है
तालाब का पानी
सब इंतज़ार में
कब मोहब्बत की हवा
चल जाए
मौसम खुशगवार
हो जाए
हसरतों के कंकर
ठहरे पानी में
ज़लज़ला मचाये
चारों तरफ
मोहब्बत की महक
फ़ैल जाए
फिजा में रवानी
आ जाए
21-08-2012
678-38-08-12

Wednesday, May 30, 2012

हसरतों की नुमाइश

कोई कह रहा था
वो हमें
याद भी नहीं करते
ना जाने हकीकत
बता रहा था
या दिल जला रहा था
इतना ज़रूर पता है
खुद की हसरतों की
नुमाइश कर रहा था
30-05-2012
546-66-05-12

Monday, February 27, 2012

जो हमें नहीं मिला तुम्हें मिल जाए

चाहते हैं
जो हमें नहीं मिला
तुम्हें मिल जाए
हमारे आंसूं
हमारे पास रहने दो
हमारी हँसी तुम्हें
मिल जाए
हमें बेसुकून रहने की
आदत है
हमारे सुकून तुम्हें
मिल जाए
हम बहुत जी लिए 
हमारे हिस्से की उम्र
तुम्हें मिल जाए
हमने खुशी नहीं देखी
अब मिल भी जायेगी
तो क्या करेंगे
किस्मत में यही क्या
कम है
जाते जाते कुछ तो
मन की कर जायेंगे
दिल की एक हसरत तो
पूरी होते देख लेंगे
27-02-2012
256-167-02-12

Saturday, December 10, 2011

गुजरे वक़्त का जब भी ख्याल आये


वक़्त का जब भी
ख्याल आये
उजड़े चमन में बहार
आये
सूखे लबों पे मुस्कान
छाये
यादों में खो जाऊं
दर्द सारे भूल जाऊं
हसरतों की दुनिया में
लौट जाऊं
ज़िंदा रहने की 
ख्वाइश करने लगूं
10-12-2011
1851-19-12

Saturday, October 15, 2011

अब हसरतों से मन भर गया


अब हसरतों से मन
भर गया
उम्मीदों का सिलसला
टूट गया
निरंतर नाकामियों से
पीछा छूट गया
जो मिलना था सो
मिल गया
दिल को दर्द से
निजात मिल जाए
सुकून से सो सकूँ
नींद बरसों की पूरी
कर लूं
जीने का मकसद
हो गया
15-10-2011
1659-67-10-11

Wednesday, October 5, 2011

ये वक़्त की बात है आप कहीं हम कहीं और हैं


ये वक़्त की बात है
आप कहीं
हम कहीं और हैं
हम किस हाल में भी रहे 
आप निरंतर खुश रहे
ये हमारे
दिल की चाहत है
आपकी
 हर आह पर दिल
हमारा रोता
पर आप हँसते रहे
ये हमारी दिली तमन्ना है
हम चाहते
आप हमें भूल जाएँ
पर हम नहीं
भूल सकते आप को
आप को याद रखना
हमारी फितरत है
आपका
गुलशन आबाद रहे
ये हमारी हसरत है
05-10-2011
1616-24-10-11

Sunday, August 28, 2011

कैसे कह सकते हो तुम ?

कोई रिश्ता नहीं
कैसे कह सकते हो तुम ?
ये बात ज़रूर है
की तुम मुझे जानते नहीं
मुझे पहचानते नहीं
मुझ से कभी मिले नहीं
सिर्फ तस्वीर देखी
तुमने मेरी
इतना ज़रूर जानता हूँ
मैं तुम्हारा
तुम मेरा इंतज़ार
करते हो
मिलने की ख्वाइश
रखते हो
कुछ आपस में बाँट लें
ये हसरत  दिल में
रखते हो
28-08-2011
1409-131-08-11