Showing posts with label धैर्य. Show all posts
Showing posts with label धैर्य. Show all posts

Saturday, December 15, 2012

भोर जब चेहरा दिखाने लगी



भोर जब
चेहरा दिखाने लगी
रात मुंह छुपाने लगी
मन ही मन सोचने लगी
अब उसे जाना होगा
सूरज के ताप से
बचना होगा
फिर लौटना हो तो
सूरज अस्त ना हो
तब तक
धीरज और धैर्य
रखना होगा
हिम्मत होंसले से
काम लेना होगा
तब तक अविचल
शांती से बैठना होगा
941-60-15-12-2012
हिम्मत,होंसला,धीरज,धैर्य,जीवन,भोर,अविचल 

Tuesday, April 5, 2011

निरंतर अँधेरे के बाद,उजाला आता


का महीना आया
गुलमोहर
उदास होने लगा
अब पत्ते गिरेंगे
वो लावारिस सा 
दिखेगा
पक्षी बैठना बंद करेंगे
घोंसले रीते होंगे
बिना छाया
कोई नीचे नहीं बैठेगा
इस दुःख में डूब गया
आंसूं बहाने लगा
धैर्य खोने लगा
भूल गया अप्रैल में
नए पत्ते आएँगे
लाल फूलों से लदेगा
पक्षी पहले से ज्यादा
आयेंगे
नए घोंसले बनाएँगे
चहचाहट से
वातावरण में जीवन का
अहसास कराएँगे
लोग इच्छा से
उसकी छाया में बैठेंगे
हर वर्ष भूल जाता
धैर्य भी रखना होता
समय सदा एक सा
नहीं रहता
निरंतर अँधेरे के बाद
उजाला आता
05-04-2011
603-36 -04-11