बड़े बूढों
ने कहा
ज्ञानियों ने
समझाया
शास्त्रों में
पढ़ा
इश्वर की पूजा
अर्चना
करनी चाहिए
नित्य मंदिर
जाना चाहिए
पवित्र तीर्थस्थलों
के दर्शन
करने चाहिए
नित्य इश्वर
का नमन
करना चाहिए
साथ ही सबने
एक बात और समझायी
थी
कर्म,व्यवहार,आचरण
भी
जैसा इश्वर
को पसंद हो
वैसा ही करना
चाहिए
वर्षों से विचारों
का मंथन
कर रहा हूँ
फिर भी समझ
नहीं पाता हूँ
क्या इश्वर
की पूजा अर्चना करूँ
तीर्थ स्थलों
के दर्शन करूँ
पवित्र सरोवरों
में स्नान करूँ
नित्य मंदिर
जा कर
इश्वर को प्रसन्न
करूँ
या कर्म,व्यवहार,आचरण
पर
ध्यान दूं
अब तक झंझावत
में फंसा हूँ
दोनों में से
एक भी
मन से नहीं
कर पा रहा हूँ
पता नहीं
इश्वर को कैसा
लग रहा होगा
पर इतना अवश्य
जानता हूँ
इश्वर अवश्य
मेरी मनोदशा को
समझ रहा होगा
मुझे विश्वास
है
मुझे सज़ा तो
नहीं देगा
737-33-19-09-2012