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Tuesday, March 12, 2013

मेरी आस्था ने



ह्रदय के दुःख
मंदिर के घंटों जैसे
पल पल मन में
गूंजते रहते हैं
इश्वर को याद करते हैं 
पर ना कभी मंदिर में
इश्वर को घंटों की
आवाज़ पर आते देखा
ना ही दुखो को जाते देखा
पर उपरवाले पर
मेरी आस्था ने
मुझे टूटने नहीं दिया
23-23-12-01-2013  
आस्था,विश्वास,इश्वर,दुःख,जीवन 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

Wednesday, March 6, 2013

मकड़ जाल



आस्था विश्वास
अनिष्ट और भय के
मकड़ जाल में उलझा हूँ
एक का पल्ला पकड़ता हूँ
दूसरा अपनी ओर
खीचने लगता है
आस्था और विश्वास
मुझे मरने नहीं देते
अनिष्ट और भय
मुझे जीने नहीं देते
निरंतर असमंजस के
संसार में डुबकियां
लगाता रहता हूँ
ना खुल कर हँस पाता हूँ
ना खुल कर रो पाता हूँ   
12-12-06-01-2013
आस्था,विश्वास,अनिष्ट,भय 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

Wednesday, November 28, 2012

क्या होता है सत्य ,किसी कहते हैं ईमान



आज तक
समझ नहीं सका
क्या होता है सत्य
किसी कहते हैं ईमान
कैसा होता है इश्वर
कैसी होती है आस्था
बहुत पूछा बहुत खोजा
एक ही
उत्तर मिला मुझको
सब के अपने मायने
सब के अपने पैमाने
जैसा सिखाया समझाया
उनके बड़ों ने उनको
जो पढ़ा ग्रंथों में उन्होंने
वही बन गए
पैमाने मायने उनके
जो एक के लिए ठीक 
वही दूसरे के लिए गलत
कहलाने लगे
870-54-28-11-2012
सत्य,ईमान,आस्था,इश्वर,

Sunday, September 23, 2012

जब भी……..



जब भी
बार बार असफलता
हाथ लगती है
निराशा मन में घर
बनाने लगती
मन खिन्नता से भर जाता
समय ठहर जाता
चेहरे पर
अवसाद झलकने लगता
दिन ढलता नहीं
नींद बुलाने से भी आती नहीं
पथ कठिन
लक्ष्य दूर लगने लगता
आकान्शाएं मरने लगती
इरादे धूमिल होने लगते
कदम डगमगाने लगते
कुछ भी अच्छा नहीं लगता
ऐसे में
स्वयं पर विश्वास
इश्वर में आस्था
धीरज और संयम रखना ही
एकमात्र सहारा होता
752-48-23-09-2012
असफलता,खिन्नता,अवसाद,आकान्शाएं
लक्ष्य,इरादे ,आस्था,इश्वर ,विश्वास,संयम ,धीरज

Wednesday, September 19, 2012

बड़े बूढों ने कहा,ज्ञानियों ने समझाया



बड़े बूढों ने कहा
ज्ञानियों ने समझाया
शास्त्रों में पढ़ा
इश्वर की पूजा अर्चना
करनी चाहिए
नित्य मंदिर जाना चाहिए
पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन
करने चाहिए
नित्य इश्वर का नमन
करना चाहिए
साथ ही सबने
एक बात और समझायी थी
कर्म,व्यवहार,आचरण भी
जैसा इश्वर को पसंद हो
वैसा ही करना चाहिए
वर्षों से विचारों का मंथन
कर रहा हूँ
फिर भी समझ नहीं पाता हूँ
क्या इश्वर की पूजा अर्चना करूँ
तीर्थ स्थलों के दर्शन करूँ
पवित्र सरोवरों में स्नान करूँ
नित्य मंदिर जा कर
इश्वर को प्रसन्न करूँ
या कर्म,व्यवहार,आचरण पर
ध्यान दूं
अब तक झंझावत में फंसा हूँ
दोनों में से एक भी
मन से नहीं कर पा रहा हूँ
पता नहीं
इश्वर को कैसा लग रहा होगा
पर इतना अवश्य जानता हूँ
इश्वर अवश्य मेरी मनोदशा को
समझ रहा होगा
मुझे विश्वास है
मुझे सज़ा तो नहीं देगा
737-33-19-09-2012


Tuesday, June 26, 2012

किसी ने कहा अन्धेरा हो गया



किसी ने कहा
अन्धेरा हो गया
मैंने कहा
अँधेरा नहीं हुआ
उजाला चला गया
कोई बोला सर्दी आ गयी
मैं बोला गर्मी चली गयी
फिर किसी ने कहा
इश्वर होता है
मैंने पूछा
क्या तुम ने देखा है
उत्तर मिला
मुझे इश्वर में आस्था है
मैंने कहा
जैसा मानोगे ,
जैसा सोचोगे
वैसा ही देखोगे
क्यों नहीं
घ्रणा में प्यार देखो
इर्ष्या में
सदभावना देखो
इर्ष्या करोगे इर्ष्या
पाओगे,
घ्रणा करोगे घ्रणा
पाओगे
विश्वास करोगे विश्वास
पाओगे
अच्छा सोचोगे अच्छा
करोगे
खुशी से जीवन
जियोगे
26-06-2012
600-50-06-12

Saturday, May 12, 2012

लक्ष्य की और


कोई हाथ पकड़ता है
कोई पैर खींचता है
कोई बातों से विचलित
करने की कोशिश
तो कोई अवरोध खड़े
करता हैं
चारों तरफ से
मुझे पथ से डिगाने
का प्रयास होता रहा है
कभी विचलित भी होता हूँ
आपा खो देता हूँ
कभी लडखडाता हूँ
इश्वर में आस्था
अपने आप पर विश्वास
मुझे पथ से
डिगने नहीं देता
अवरोधों को पार करते हुए
लोगों के मंसूबे
पूरे नहीं होने देता
ना हार मानता हूँ
ना थकता हूँ
निराशा के चक्र व्यूह से
अपने को बचाते हुए
अविरल नदी सा बहता 
रहता हूँ
लक्ष्य की और
अग्रसर रहता हूँ
10-05-2012
511-26-05-12

Friday, July 15, 2011

आस्था और विश्वाश से जीवन जीता हूँ

जीवन की
तीक्ष्ण परिस्थितियों
से थकता हूँ
निरंतर परमात्मा के
चरणों  में शीश
नवाता हूँ
एकाग्रचित्त नमन
करता हूँ
मन में शीतलता का
अनुभव करता हूँ
स्वयं को पहले से
व्यवस्थित पाता हूँ
पुन: कर्म में जुटता हूँ
सहजता से
स्थितियों से निपटता हूँ
आस्था और विश्वाश से
जीवन जीता हूँ 
15-07-2011
1189-72-07-11

आस्था

मूसलाधार वर्षा आये
खेतों में हरयाली छाये
सूखे खेत में खडा किसान
आशा से
निरंतर आकाश को
निहार रहा था
परमात्मा से प्रार्थना
कर रहा था
इस बार अवश्य सुनेगा
मन में विश्वाश था
फैसला जो भी होगा
सर झुका कर मानेगा
इस बार नहीं सुना
तो अगली बार सुनेगा
आस्था का सवाल था
परमात्मा में आस्था
उसका
जीवन आधार था
15-07-2011
1186-69-07-11