वही नज़ारा
निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )
Sunday, February 5, 2012
यादें
वही नज़ारा
Tuesday, July 26, 2011
आज ख़्वाबों में दीदार तुम्हारा हुआ
आज ख़्वाबों में
दीदार तुम्हारा हुआ
हमें सोते से जगाया
खामोश ख्यालों में
उबाल आया
दिल की आग को
भड़काया
ख्वाइशों का
नया दौर शुरू हुआ
सुकून को भगाया
बेचैनी को न्योता दिया
अब दिन निरंतर
इंतज़ार में कटेंगे
आँखों से अश्क बहेंगे
हसरतें पूरी हो जाएँ
दिन रात दुआ करेंगे
मर मर कर जियेंगे
मोहब्बत के
सारे रंग देखेंगे
तुम्हारी सूरत ने
दिल को लुभाया
तुम्हें पाने के लिए
सब खुशी से सहेंगे
जाँ भी देनी पड़े
हंस के दे देंगे
26-07-2011
1239-119-07-11
उन्हें देखना क़यामत ढा गया
क़यामत ढा गया
इश्क अब रोजगार
बन गया
सुबह-ओ-शाम का
काम हो गया
भूख ख़त्म हो गयी
उनका दीदार प्यास
हो गयी
जीना दुश्वार हो गया
उन्हें पाना अब मकसद
हो गया
निरंतर इंतज़ार आदत
बन गया
जूनून की हद तक
इश्क सर पर सवार
हो गया
26-07-2011
1237-117-07-11