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Friday, December 7, 2012

उसके सोच से सोचना



वो निरंतर
कहती थी मुझसे
तुम भी वैसे ही सोचो
जैसे मैं सोचती हूँ 
दुनिया की बुराइयों के
रंग ही मत देखा करो
प्यार स्नेह के रंगों को भी
देखा करो
बार बार की मनुहार से
थक हार कर
वैसे ही सोचने लगा
जैसा वो चाहती थी
सोच बदलने लगा
सुखद आभास होने लगा
मुझ पर भी प्यार का रंग
चढ़ने लगा
भावों में बह कर एक दिन
उसका हाथ मांग लिया
अपने प्यार का इज़हार
कर दिया
उसके सोच से सोचना
जीने का तरीका
 बन गया
904-22-07-12-2012
सोच,भाव,प्रेम,

Saturday, November 3, 2012

कभी कभी मैं भी भावों में बह जाता हूँ



कभी कभी मैं भी
भावों में बह जाता हूँ
मुस्काराहट के साथ कही
हर बात को सच मान लेता हूँ
चेहरे पर चढ़ा चेहरा
नहीं पहचान पाता हूँ
चोट खाता हूँ तो
बौखला कर तय करता हूँ
मुस्काराते चेहरों पर
विश्वास करना छोड़ दूंगा
मीठी बातों के
जाल में नहीं फसूँगा
कुछ दिन निश्चय पर
दृढ रहता हूँ
फिर भावों में बह जाता हूँ
मुस्काराते चेहरों की
बातों में फंस जाता हूँ
मुस्काराहट मेरी कमजोरी
दुनिया को बता देता हूँ
818-02-03-11-2012
भाव,मुस्काराहट,मुस्काराते,जीवन

Saturday, September 1, 2012

प्रतीक्षा में



अनमने भाव लिए
नदी किनारे कदम्ब के
पेड़ के नीचे बैठी
विचारों के जाल में उलझी थी
ऊपर गगन में काले बादलों की
गडगडाहट
उधर मन में विचारों का द्वन्द
उसकी व्यथा को बढ़ा रहे थे
नदी त्वरित गति से बह रही
पथ में आने वाली हर वस्तु को
अपने साथ बहा कर ले जा रही
नदी के पानी की भाँती
 विचार भी त्वरित गति से
आ जा रहे थे
मन में ढेरों आशंकाएं उसकी
आकांशाओं को निराशा में
बदल रही थी
प्रियतम से मिले महीनों
हो गए
बार बार के वादों के बाद भी
नहीं आये
हर बार नए बहाने का
सन्देश अवश्य आया
अब प्रतीक्षारत थी
 कब नदी के पानी की धारा
मंद पड़ेगी
आकाश से काले बादल
विदा होंगे
नीले गगन के दर्शन होंगे
सूरज फिर चमकने लगेगा
तब उसकी प्रतीक्षा की
घड़ियाँ भी समाप्त होंगी
उसके मन के आकाश में
आशाओं का सूरज चमकेगा
उसका प्रियतम से मिलन होगा
निराशा के काले बादलों से
छुटकारा मिलेगा
01-09-2012
706-02-09-12

Tuesday, March 20, 2012

कब जागेगी इच्छा ?

कब जागेगी इच्छा ?
कब कहेगा मन ? 
कब आयंगे भाव ?
कब चलेगी कलम ? 
पता नहीं चलता
जब भी चलती 
रुकती नहीं कलम
जोडती शब्दों को
उकेरती भावों को 
लेती आकार 
सृजन 
होता कविता का
तृप्त होता मन
मिलती संतुष्टी 
आत्मा को 
20-03-2012
410-144-03-12