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Thursday, April 12, 2012

ज़िन्दगी ने हमें सताया बहुत


हमें सताया बहुत
हँसते हुए को रुलाया
बहुत
हमने भी उसे छकाया
बहुत
वो गिराने की कोशिश
करती रही 
हमें लंगडी लगाती रही
हमने भी हार मानी नहीं
कभी लडखडाते
कभी गिर पड़ते
बार बार खड़े होते रहे
खुद को सम्हाल कर
आगे बढ़ते रहे
निरंतर हँसते रहे 
11-04-2012
433-13-04-12

Wednesday, March 7, 2012

बड़ी मुश्किल से भूला हूँ

मत सुनाओ मुझे
अपने दिल के अफ़साने
बड़ी मुश्किल से भूला हूँ
अब याद ना दिलाओ
मुझे मेरे अफ़साने
तुम्हारे साथ भी वही
हुआ होगा
जो मेरे साथ हुआ था
तुम्हें भी किसी के हुस्न ने
लूटा होगा
फिर बेवफायी का तोहफा
दिया होगा
ज़ख्मों से नवाज़ा होगा
फिर तुम्हें ही कसूरवार
ठहराया होगा
जी भर के तडपाया होगा
लम्हा लम्हा रुलाया होगा
अब तुम भी भूल जाओ
मोहब्बत के जंजाल से
निकल जाओ
07-03-2012
310-44-03-12

Saturday, February 11, 2012

ना कोई समझा ना ही जाना हमें

ना कोई समझा
ना ही जाना हमें
हँसने की चाह ने
इतना रुलाया हमें
जीना ही भूल गए
हमदर्दी की आस में
दर्द गले लगाते रहे
ना बची अब कोई चाह
ना किसी से कोई आस
हर शख्श से
खौफ खाते हैं हम
फिर ज़ख्म खाने से
डरते हैं हम
अब सोच लिया हमने
खामोशी से सहते रहेंगे
कहेंगे नहीं अपने दर्द
अब किसी से
चले जायेंगे दुनिया से
इक दिन यूँ ही
रोते रोते
11-02-2012
148-59-02-12