गम अब
सहारा बन गए हैं
झूठी उम्मीदों से
बचा रहे हैं
ख़्वाबों की दुनिया से
दूर ले जा रहे हैं
दिल के
बहम मिटा रहे हैं
ज़िन्दगी की
हकीकत समझा रहे हैं
तकलीफ की जगह
सुकून दे रहे हैं
840-24-11-11-2012
गम,सुकून,शायरी,उम्मीदों
बहुत आजमा लिया
ज़माने को
अब खुद को आजमाऊंगा
अँधेरे से लौट कर
उजाले में आऊँगा
हिम्मत होंसले से
लडूंगा
ज़ज्बा नहीं खोऊँगा
खुद पर यकीन रखूंगा
उम्मीदों को हकीकत में
बदल दूंगा
फिर से मुस्काराऊंगा
निरंतर खुशियाँ
मनाऊंगा
09-03-2012
331-65-03-12
इतनी ज़ल्दी कैसे
भूल जाता है कोई
देख कर भी अनदेखा
करता है कोई
उम्मीदों के सपने
दिखाता है कोई
दिल लगा कर फिर
तोड़ता है कोई
ये कौन सा दस्तूर
निभाता है कोई
पुचकार कर फिर
जिबह करता है कोई
सारी हसरतें धूल में
मिलाता है कोई
मोहब्बत को बदनाम
करता है कोई
इतनी ज़ल्दी कैसे
भूल जाता है कोई
11-02-2012
150-61-02-12
उनके घर के
करीब पहुँचते ही
दिल की
धडकनें बढ़ जाती
दिल में ज़ज्ब उम्मीदें
करवटें लेती
उनके घर की तरफ
निगाहें उठ ही जाती
वो नज़र आ जाए
देख कर मुस्कारा दें
मेरे अरमानो को
रफ़्तार दे दें
अगर गुरेज हो
उन्हें मुस्काराने से
तो बस मुझे देख लें
देखने से भी गुरेज हो
अगर उनको
तो मुझे ही जी भर के
देख लेने दें
मेरी उम्मीदों को
कायम रहने दें
मुझे इंतज़ार में
जीने दें
24-01-2012
79-79-01-12