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Sunday, November 11, 2012

गम अब सहारा बन गए हैं



गम अब
सहारा बन गए हैं
झूठी उम्मीदों से
बचा रहे हैं
ख़्वाबों की दुनिया से
दूर ले जा रहे हैं
दिल के
बहम मिटा रहे हैं
ज़िन्दगी की
हकीकत समझा रहे हैं
तकलीफ की जगह
सुकून दे रहे हैं
840-24-11-11-2012
गम,सुकून,शायरी,उम्मीदों

Friday, March 9, 2012

अब खुद को आजमाऊंगा

बहुत आजमा लिया
ज़माने को
अब खुद को आजमाऊंगा
अँधेरे से लौट कर
उजाले में आऊँगा
हिम्मत होंसले से
लडूंगा
ज़ज्बा नहीं खोऊँगा
खुद पर यकीन रखूंगा
उम्मीदों को हकीकत में
बदल दूंगा
फिर से मुस्काराऊंगा
निरंतर खुशियाँ
मनाऊंगा
09-03-2012
331-65-03-12

Saturday, February 11, 2012

इतनी ज़ल्दी कैसे भूल जाता है कोई

इतनी ज़ल्दी कैसे
भूल जाता है कोई
देख कर भी अनदेखा
करता है कोई
उम्मीदों के सपने
दिखाता है कोई
दिल लगा कर फिर
तोड़ता है कोई
ये कौन सा दस्तूर
निभाता है कोई
पुचकार कर फिर
जिबह करता है कोई
सारी हसरतें धूल में
मिलाता है कोई
मोहब्बत को बदनाम
करता है कोई
इतनी ज़ल्दी कैसे
भूल जाता है कोई
11-02-2012
150-61-02-12

Tuesday, January 24, 2012

मेरी उम्मीदों को कायम रहने दें


 उनके घर के
करीब पहुँचते ही
दिल की
धडकनें बढ़ जाती
दिल में ज़ज्ब उम्मीदें
करवटें लेती
उनके घर की तरफ
निगाहें उठ ही जाती
वो नज़र आ जाए
देख कर मुस्कारा दें
मेरे अरमानो को
रफ़्तार दे दें
अगर गुरेज हो
उन्हें मुस्काराने से
तो बस मुझे देख लें
देखने से भी गुरेज हो
अगर उनको
तो मुझे ही जी भर के
देख लेने दें
मेरी उम्मीदों को
कायम रहने दें
मुझे इंतज़ार में
जीने दें
24-01-2012
79-79-01-12