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Monday, December 3, 2012

ज़िन्दगी के सफ़र में गिरते सभी हैं


ज़िन्दगी के सफ़र में
गिरते सभी हैं
ज़ख्म खाते भी सभी हैं
दर्द से करहाते भी सभी हैं
मुस्कराककर उठते वहीं हैं
जो मंजिल
तक पहुंचना चाहते
ज़ज्बा नहीं खोते
जो रोते रह जाते
वो रास्ते से भटक जाते
मंजिल का पता ही
भूल जाते हैं
889-08-03-12-2012
ज़िन्दगी,सफ़र,मंजिल ,ज़ज्बा

Tuesday, October 9, 2012

उम्र के साथ सूरत बदल गयी


उम्र के साथ
सूरत बदल गयी
मगर ना
ना अंदाज़ बदला
ना सीरत बदली
गनीमत है
ज़ज्बा पहले से
बेहतर हुआ
तमन्नाएं घट गयी
उम्मीदें बरक़रार रही
सुकून मिल जाए
बस इतनी सी इच्छा
पहले भी थी
अब भी ख़त्म नहीं हुयी
769-14-09-10-2012
उम्र,सूरत,सीरत,ज़ज्बा ,तमन्नाएं,उम्मीदें,सुकून

Tuesday, July 17, 2012

मंजिल है अभी दूर है ,पड़ाव नहीं डालना है


इस जीत को
जीत नहीं मानना
ख्यालों को
मिला है मुकाम
इतना सा समझना
मंजिल है अभी दूर है
पड़ाव नहीं डालना
आ जाए
सफ़र में रुकावट  
तो हार नहीं मानना
हिम्मत होंसले से
निरंतर चलते रहना
बस इतना सा
जानना
17-07-2012
608-05-07-12

Friday, March 9, 2012

अब खुद को आजमाऊंगा

बहुत आजमा लिया
ज़माने को
अब खुद को आजमाऊंगा
अँधेरे से लौट कर
उजाले में आऊँगा
हिम्मत होंसले से
लडूंगा
ज़ज्बा नहीं खोऊँगा
खुद पर यकीन रखूंगा
उम्मीदों को हकीकत में
बदल दूंगा
फिर से मुस्काराऊंगा
निरंतर खुशियाँ
मनाऊंगा
09-03-2012
331-65-03-12

Saturday, February 25, 2012

हमने भी ठान ली हार नहीं मानेंगे

रुकावटें आती 
रहीं हैं
रुकावटें आती 
रहेंगी
पथ से डिगाने की
कोशिशें होती 
रहेंगी 
हमने भी ठान ली
हार नहीं मानेंगे
सब्र नहीं खोएंगे
ज़ज्बा बनाए रखेंगे
हिम्मत से लड़ेंगे
थक भले ही जाएँ
मगर टूटेंगे नहीं 
पर्बतों को भी
झुका देंगे
ज़मीन की धूल
चटा देंगे
एक दिन मंजिल
को पा लेंगे  
25-02-2012
240-151-02-12

Sunday, January 15, 2012

कैसे अहसान चुकाएँ तुम्हारा ?

दर्द दिए लोगों ने
तुमने हमें सुकून दिया
ज़ख्म दिए लोगों ने
तुमने मरहम लगाया
लोगों ने रास्ता
दोजख का दिखाया
तुमने फिर से हँसना
सिखाया
जीना भूल गए थे
तुमने फिर से जीना
सिखाया
जो भी सिखाया तुमने
हमने ज़िन्दगी में उतारा
जानते नहीं
कैसे अहसान चुकाएँ
तुम्हारा ?
क्या करें जो दिल का
बोझ हल्का कर दे?
अहसानों के
कर्जे को कम कर दे
हमारे सुकून में इजाफा
कर दे
अहसान फिर भी चुका
ना पायेंगे
कतरा भी ना दे पायेंगे
उसका
जितना तुमने दिया
हमको
15-01-2012
46-46-01-12


Tuesday, December 13, 2011

कल फिर से हँसेंगे हम


रास्ते सभी बंद हो गए
तो क्या
हमारा ज़ज्बा हमारे साथ है
लोग बेदिल हो गए
तो क्या
हमारा दिल हमारे साथ है
उठा दिया लोगों ने महफ़िल से 
तो क्या 
नयी महफ़िल बनायेंगे हम
छोड़ गए अपने साथ हमारा
तो क्या
परायों को अपना बनायेंगे हम
आज अश्क बह रहे आँखों से
तो क्या
कल फिर से हँसेंगे हम
हिम्मत से लड़ते रहेंगे
मोहब्बत से जीना ना
छोड़ेंगे हम
13-12-2011
1859-27-12

Tuesday, September 27, 2011

उम्र ढलती है ज़ज्बा नहीं

उम्र ढलती है 
ज़ज्बा नहीं
हंसने वालों का 
हंसना
कभी रुकता नहीं
लाख काटों से पाला पढ़े
निरंतर चलना कभी
थमता नहीं
जिन के दिल में 
जलती है
मोहब्बत की शमा
दिल लगाना कभी
ख़त्म होता नहीं
जो भी मिले प्यार से
दिल का दरवाज़ा
 
उनके लिए कभी बंद
होता नहीं
27-09-2011
1573-1404-,09-11

Monday, July 11, 2011

मोहब्बत की किश्ती को खेता रहा

मोहब्बत की 
किश्ती को खेता रहा
साहिल तक
पहुँचने की कोशिश
करता रहा
ना साहिल मिला
ना किश्ती रुकी
ना हिम्मत टूटी
ना ज़ज्बा कम हुआ
निरंतर मंझधार में
फँसा रहा
मोहब्बत के खातिर
कुर्बान हो गया
11-07-2011
1163-47-07-11