खामोशी से कभी
दोस्ती मत करना
खामोशी से
बच कर रहना
आहिस्ता आहिस्ता
दिल-ओ-दिमाग पर
कब्जा करती है
खामोशी से
खामोश कर देती है
कुछ करना ना करना
मगर खामोशी से
दूर रहना
916-34-08-12-2012
खामोशी
निरंतर कुछ सोचता रहे,कुछ करता रहे,कलम के जरिए बात अपने कहता रहे.... (सर्वाधिकार सुरक्षित) ,किसी की भावनाओं को ठेस पहुचाने का कोई प्रयोजन नहीं है,फिर भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो क्षमा प्रार्थी हूँ )
मैं भी चहकता था
खुल कर बहकता था
निरंतर पंछी सा
उड़ता था
अब कायदे के
पिंजरे में बंद हूँ
कम बोलता हूँ
खामोशी से सहता हूँ
हसरतें दिल में
दबा कर रखता हूँ
लाचारी से देखता हूँ
यादों के सहारे
जीता हूँ
16-08-2011
1367-89-08-11
ना तड़पता हूँ
खामोश रहता हूँ
खुशी से सहता हूँ
खुदा से दुआ करता हूँ
उन्हें उनकी
इंसानियत लौटा दे
निरंतर सुकून से रहना
सिखा दे
नफरत से निजात
दिला दे
खुद खुशी से जिएँ
औरों को भी जीने दें
31-07-2011
1278-162-07-11