Wednesday, March 20, 2013

कुछ पल के लिए ही सही



ह्रदय की हलचल
मन की खुशी
जीवन की व्यथा
मैंने सांझा करी तुमसे
मैं नहीं कहता
तुम भी सांझा करो
अपने ह्रदय की हलचल
मन की खुशी
पर जीवन की व्यथा तो
सांझा कर लो मुझसे
सुलझा तो नहीं पाऊंगा
पर दिलासा तो दे पाऊंगा
कुछ पल के लिए ही सही
तुम्हारे मन को
चैन तो दे पाऊंगा
38-38-19-01-2013
चैन,हलचल,दिलासा,सांझा करना,व्यथा ,जीवन   
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

2 comments:

अरुन शर्मा 'अनन्त' said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (24-03-2013) के चर्चा मंच 1193 पर भी होगी. सूचनार्थ

Pratibha Verma said...

बहुत सुन्दर ...
पधारें " चाँद से करती हूँ बातें "