Tuesday, April 19, 2011

जैसी दिखती वैसी होती नहीं ज़िन्दगी


ज़िन्दगी
बड़ी  अजीब होती
हर मुस्काराहट
हकीकत नहीं होती
हर आंसूं में
दिल की टीस नहीं होती
जो दिखता
सच हो ज़रूरी नहीं
जो पास दिखता
दिल से दूर होता
कोई दिल से अमीर
जेब से गरीब
कोई जेब से अमीर
दिल से गरीब होता
निरंतर
नए रंग दिखाती
ज़िन्दगी
जैसी दिखती
वैसी होती नहीं
ज़िन्दगी
712-135-04-11

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