कैसे बताऊँ मैं कौन हूँ?
जो नाम दिया रख लिया
किसी को भाई
किसी को बहन बताया
जो बताया मान लिया
जीवन जैसे भी आया
जी लिया
कई बार हंसा,कई बार रोया
अब तक कैसे जिया
नहीं जानता
कब तक रहूँगा,कब जाऊंगा
नहीं जानता
वक़्त अब तक कैसे कटा,
नहीं जानता
दिल कई बार टूटा,कब टूटेगा
नहीं जानता
कौन अपना कौन पराया
नहीं जानता
किसने समझा,किसने ना समझा
नहीं जानता
निरंतर खुद से पूंछता हूँ
मैं कौन हूँ?
जवाब अब तक मिला
नहीं
कैसे बताऊँ,मैं कौन हूँ?
06—03-2011
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
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