Friday, March 4, 2011

बेफिक्र नींद आती अगर,नियामत उसे खुदा की समझना




बेफिक्र नींद आती अगर
नियामत उसे खुदा की समझना
गर जेब दौलत से भरी
उसे  आफत समझना
मुफलिसी भी दौलत बड़ी
मुश्किलें आसान करती
सिर्फ पाने की उम्मीद होती
खोने की चिंता ना होती
जेब भरी हो अगर
मन और पाने का करता
निरंतर कोशिश में
तरीके कई अख्तियार करता
होड़ में फंसता ,परेशान रहता
नहीं कुछ पास अगर
दुआ कुछ पाने की करता
नाम खुदा का दिल से लेता
 चैन से सोना हो, 
रोज़ नहीं रोना हो
अलमस्त जीना हो
दौलत को माँ बाप ना मानों
खुदा का भी ख्याल करो
उस के निजाम से ज्यादा ना करो
कितना भी इकट्ठा कर लो
साथ ना ले जाओगे
जड़ फसाद की पीछे
छोड़ जाओगे
04—03-2011
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर

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