Sunday, March 6, 2011

चेहरा उसका आँखों में रहता,हर वक़्त सिर्फ उसे देखता

चेहरा उसका आँखों में रहता
हर वक़्त सिर्फ उसे देखता

सारे मंजर बिन उसके अधूरे
फूल भी अब कहाँ महकते

हवा भी अब ठहरी सी लगती
सांस भी  मुश्किल से आती

जीने की अब चाहत ना होती
आवाज़  कोई और ना भाती

खामोशी सुकून दिल को  देती 
निरंतर तलाश उसकी रहती

मौत भी अब अच्छी लगती
कब आएगी नहीं बताती
06—03-2011
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर


No comments: